Webinar: जिंदगी की दौड़ में बने रहने के लिए बेहद जरूरी है आत्म कौशल

Webinar: जिंदगी की दौड़ में बने रहने के लिए बेहद जरूरी है आत्म कौशल

रायपुर। Chhattisgarh: विश्व युवा कौशल दिवस के उपलक्ष्य पर के. शारदा के संयोजन से विशेष वेबीनार का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं के अंदर कौशल को विकसित करने और उन्हें रोजगार के उचित अवसर प्रदान करने का था। इस विशेष वेबीनार में विशिष्ट अतिथि के रुप में केदार पटेल, एंप्लॉयमेंट ऑफिसर रायपुर, डॉ. मधुलेश यादव, प्रेसिडेंट श्री महालक्ष्मी एजुकेशन सोसायटी तथा विवेक शर्मा ए.पी.सी जिला दुर्ग से थे। कार्यक्रम का संचालन रीता मंडल द्वारा किया गया। विश्व युवा कौशल दिवस की छठवीं वर्षगांठ को मनाते हुए “जो स्किल्ड होगा वही ग्रो करेगा” इसी कथन को सार के रूप मे लेते हुए आज के वेबिनार में विशिष्ट अतिथियों द्वारा किस प्रकार से छत्तीसगढ़ में युवाओं को कौशलों के प्रति विकसित किया जाता है, यह बताया गया। शिक्षित और प्रशिक्षित करने में क्या अंतर है, इसकी जानकारी केदार पटेल द्वारा दी गई। इसी प्रकार युवाओं को किस प्रकार से हार्ड स्किल के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल सिखाया जाता है, इसकी भी जानकारी अतिथियों द्वारा दी गई। डॉ मधुलेश यादव द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में कौशल विकसित करने हेतु विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई और अनेक सरल उदाहरणों के माध्यम से किस प्रकार से बच्चों के अंदर कौशल का विकास कर सकते हैं इसकी जानकारी दी गई। विवेक शर्मा द्वारा लर्निंग विद अर्निंग और लर्निंग बाय डूइंग को प्रमुखता से ध्यान में रखते हुए स्कूलों के बच्चों को कौशल सिखाने की बात कही गई। उनकी इच्छा है कि सरकारी स्कूलों के पास जो अतिरिक्त जमीन होती है उनमें व्यवसायिक शिक्षण केंद्र बनाया जाए और बच्चों को विभिन्न कौशलों से परिचित कराया जाए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न नवाचारी शिक्षकों द्वारा भी विश्व युवा कौशल दिवस की थीम पर अनेक सी बातों को रखा गया। मुंगेली से वंदिता शर्मा ने बच्चों के कौशल स्किल्स पर विशेष ध्यान दिए जाने पर चर्चा की। सूरजपुर से धर्मानंद गोजे ने कहा कि 21 वीं सदी में जिनके पास स्किल होगा वही मुकाबले में होगा। इस लिए हमे स्कूल के बच्चों को कौशलवान बनाने की ओर ध्यान देना होगा ताकि आने वाली चुनौतियों के लिए बच्चें तैयार रहें ।बालोद से श्री विवेक धुर्वे ने बच्चों को लाइफ स्किल्स सीखना जरूरी है जिससे बचपन से बच्चे खुद आत्मनिर्भर बन सके पर चर्चा की। राज्य साक्षरता मिशन से परियोजना सलाहकार निधि अग्रवाल ने बच्चों को कुशल बनाने के लिए शिक्षकों की क्या भूमिका होती है इस पर अपनी बात रखी तथा दुर्ग से विवेकानंद दिल्लीवार ने मोहल्ला कक्षा में पढ़ाई के अलावा स्वरोजगार पर बच्चों को सीखने पर बल देने की बात कही। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान के भी सैकडों शिक्षक जुड़ कर कार्यक्रम का लाभ लिए।

छत्तीसगढ़ रायपुर