अंतरिक्ष पर्यटन का रास्ता खोलने के लिए वर्जिन गैलेक्टिक रॉकेट ने भरी उड़ान, यात्री दल में भारतीय मूल की सिरीशा भी

अंतरिक्ष पर्यटन का रास्ता खोलने के लिए वर्जिन गैलेक्टिक रॉकेट ने भरी उड़ान, यात्री दल में भारतीय मूल की सिरीशा भी

वर्जिन गैलेक्टिक’ (Virgin Galactic) के रिचर्ड ब्रैनसन रविवार को अपने रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष यात्रा पर निकले हैं। भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सिरिशा भी अंतरिक्षयान बनाने वाली वर्जिन गैलेक्टिक कंपनी के अरबपति संस्थापक सर रिचर्ड ब्रैनसन और पांच अन्य सदस्यों के साथ न्यू मेक्सिको से अंतरिक्ष तक का सफर पर निकली हैं। अंतरिक्ष यान ने न्यू मैक्सिको के दक्षिणी रेगिस्तान से अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी है। ब्रैनसन ने अचानक ही पिछले दिनों ट्विटर पर अंतरिक्ष यात्रा की घोषणा की थी। उनकी उड़ान का मकसद अंतरिक्ष पर्यटन को बढ़ावा देना है जिसके लिए पहले से 600 से ज्यादा लोग इंतजार कर रहे हैं।

सिरिशा बांदला आंध्र प्रदेश के गुंटूर में जन्मीं और टेक्सास के ह्यूस्टन में पली-बढ़ी हैं। सिरिशा वर्जिन गैलेक्टिक कंपनी के गवर्नमेंट अफेयर्स एंड रिसर्च ऑपरेशंस की वाइस प्रेसीडेंट हैं। सिर्फ छह सालों में सिरिशा ने वर्जिन गैलेक्टिक में इतनी सीनियर पोस्ट हासिल की है। सिरिशा ने एक वीडियो भी ट्वीट किया है। उन्होंने कहा, ‘मैं यूनिटी 22 क्रू और उस कंपनी का हिस्सा होने पर गर्व महसूस कर रही हूं, जिसका मिशन सभी के लिए अंतरिक्ष को सुगम बनाना है।’ इससे पहले स्पेस कंपनी वर्जिन गैलेक्टिक के रिचर्ड ब्रेनसन ने इस यात्रा की घोषणा की थी। उन्होंने ट्वीट किया, ‘मैं हमेशा से सपने देखने वाला रहा हूं। मेरी मां ने मुझे कभी हार न मानने की शिक्षा दी। अब उस सपने को हकीकत में बदलने का समय आ गया है।

‘ब्लू ऑरिजिन’ के जेफ बेजोस द्वारा 20 जुलाई को वेस्ट टेक्सास से अपने रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में जाने की घोषणा के बाद ब्रैनसन ने पहले ही अंतरिक्ष यात्रा पर निकलने का फैसला किया। ‘ब्लू ऑरिजिन’ और एलन मस्क के ‘स्पेसएक्स’ द्वारा कैप्सूल आधारित बूस्टर रॉकेट के बजाए ‘वर्जिन गैलेक्टिक’ अलग किस्म के यान का इस्तेमाल कर रहा है। यह अंतरिक्ष यान करीब 44,000 फुट की ऊंचाई पर ले जाएगा और यान में लगी मोटर दूसरे हिस्से को अंतरिक्ष में पहुंचा देगी। इस दौरान तीन से चार मिनट तक अंतरिक्ष यात्री भारहीनता (weightlessness) महसूस करेंगे। वर्जिन गैलैक्टिक ने पहली बार 2018 में अंतरिक्ष के लिए उड़ान शुरू की थी।

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