Political Statement: प्रधानमंत्री मोदी के यूपी में दिए भाषण पर सीएम भूपेश ने कसा तंज, कही यह बात

Political Statement: प्रधानमंत्री मोदी के यूपी में दिए भाषण पर सीएम भूपेश ने कसा तंज, कही यह बात

लखनऊ। Political Statement: उत्तर प्रदेश में चल रहे चुनाव के बीच पिछले 3 दिनों से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वहां लगातार मोर्चे पर डटे हुए हैं और विपक्ष पर अपनी प्रतिक्रियाओं से तीखे हमले कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फिर से तंज कसा है। प्रधानमंत्री के उत्तर प्रदेश की चुनावी सभा में दिए गए भाषण का हवाला देते हुए सीएम भूपेश ने सोशल मीडिया पर लिखा, हमने छत्तीसगढ़ में कर दिखाया, हमारी नेता ने उत्तर प्रदेश में अपनाया, कथित ‘गुजरात मॉडल’ वालों ने आज मंच से ‘छत्तीसगढ़ मॉडल’ गुनगुनाया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना की बात कर रहे थे। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार गोठानों के जरिए दो रुपए प्रति किलोग्राम की दर से मवेशियों का गोबर खरीदती है। वहीं गोठानों में मवेशियों के लिए डे-शेल्टर की व्यवस्था। यहां चारा-पानी की व्यवस्था सरकारी मदद से होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा, उत्तर प्रदेश में भी छुट्‌टा पशुओं की समस्या बहुत विकराल है। किसानों का कहना है, छुट्‌टा घूम रहे मवेशी फसलों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गए हैं। उनको भगाने के चक्कर में लोग घायल होते हैं और आपसी विवाद भी बढ़ रहे हैं। कांग्रेस ने गोधन न्याय योजना का वादा अपने मेनिफेस्टो में किया है। कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चुनाव के बाद छुट्‌टा पशुओं की समस्या के समाधान की योजना लागू करने का वादा किया है। उन्होंने कहा, गोबर बेचकर भी पैसा मिलने लगेगा तो लोग छुट्‌टा मवेशियों को भी घर में बांध लेने की सोचेंगे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 19 फरवरी से उत्तर प्रदेश में हैं। पहले दिन उन्होंने लखनऊ जिले की विधानसभा सीटों पर कांग्रेस के लिए जनसभा की। रविवार को उन्होंने रायबरेली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ मंच साझा किया। उसके अलावा जिले की कई सीटों पर प्रचार किया। मुख्यमंत्री सोमवार को प्रयागराज जिले की सीटों पर प्रचार करने निकले हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हर बार छत्तीसगढ़ मॉडल की हवाला दे रहे हैं। इसमें वे 2500 रुपए में धान खरीदने की बात, कर्ज माफी, भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 6 हजार रुपए देने वाली न्याय योजना की भी बात की है। गोबर खरीदने और छुुट्‌टा मवेशियों के प्रबंधन से जुड़ी गोधन न्याय योजना की बात उनकी सभाओं में जोर देकर कही जा रही है। 

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