Pakistan’s Political Scenario: इमरान खान ‘पैकर्स एंड मूवर्स’… पाकिस्तान छोड़कर शिफ्ट हो सकते हैं लंदन

Pakistan’s Political Scenario: इमरान खान ‘पैकर्स एंड मूवर्स’… पाकिस्तान छोड़कर शिफ्ट हो सकते हैं लंदन

Pakistan’s Political Scenario: (हिमांशु शर्मा)। पाकिस्तान के वजीरे आजम इमरान खान भयभीत हैं और उनकी टीम के बीच भगदड़ मची हुई है। उन्हें इस बात का भय सता रहा है कि सत्ता परिवर्तन के बाद सेना उनके साथ क्या बर्ताव करेगी।

इमरान के करीबी 8 मंत्री पाकिस्तान छोड़ने की तैयारी में हैं। मीडिया सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान के पूर्व चीफ जस्टिस गुलजार अहमद, इमरान के पूर्व एडवाइजर शहजाद अकबर, चीफ सेक्रेटरी आजम खान देश छोड़ चुके हैं। नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर मोइद यूसुफ शहीद 8 मंत्री पाकिस्तान छोड़ने की तैयारी में हैं। सूत्रों से पता चला है कि हालात देखकर इमरान भी लंदन का रुख करने की तैयारी में है।

31 अप्रैल पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोटिंग होने वाली है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में कुल 342 सीटें हैं जिनमें से 155 पर इमरान खान की पार्टी ‘पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ’ (पीटीआई), 22 सीटों पर एलायंस पार्टी और 165 सीटों पर अन्य सदस्यों का कब्जा है। इमरान खान के रूलिंग अलायंस में 177 सीटें थीं, जिनमें से करीब 30 सदस्य विपक्ष की ओर जाते दिखाई पड़ रहे हैं। इस तरह अब पाकिस्तान में इमरान की सत्ता का जाना बिल्कुल तय माना जा रहा है।

हाल ही में इमरान ने मीडिया को दिए बयान में अपने अंदर दबे इस भय का खुलकर इजहार किया है। घबराए हुए इमरान को यह भी डर है कि लंदन में बैठे नवाज शरीफ ड्रोन हमले कराकर उन्हें मौत के घाट उतरवा सकते हैं। अब अपने ही देश में इमरान को डर डर के रहना पड़ रहा है। एक बयान में उन्होंने पाकिस्तान की जनता को जल्द ही सरप्राइस देने की भी बात कही है। क्या इमरान लंदन भाग कर जनता को सरप्राइज देना चाह रहे हैं?? वैसे भी इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी और उनके अन्य सभी बच्चे लंदन में पहले से शिफ्ट हो चुके हैं।

पाकिस्तान में महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी से आम जनता बेहद परेशान है। लोगों के लिए यहां रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर पाना मुश्किल है। इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही पाकिस्तान की आर्थिक हालत और कमजोर होने लगी थी। हालात यह है कि पाकिस्तान को अपना खर्च चलाने के लिए विदेशी कर्ज का मोहताज होना पड़ा। फिर ऐसे हालात भी आए कि पाकिस्तान को विदेशों से कर्ज मिलना बिल्कुल बंद हो गया।

लंबे समय तक चीन पर आर्थिक निर्भर रहने के बाद पाकिस्तान को चीन की ओर से भी झटका लगा और चीन की कंपनियों ने उन्हें कर्ज की बकाया राशि के भुगतान के लिए नोटिस जारी कर पाकिस्तान सरकार की नींद उड़ा दी। जैसे तैसे इमरान सरकार चलाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अब नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद सरकार का काउंट डाउन शुरू हो गया है और पाकिस्तान में कुछ ही समय में तख्तापलट की आशंका है।

दूसरी तरफ इमरान की नीतियों और उनके नतीजों को देखते हुए पूरा विपक्ष एकजुट हो गया है और नवाज शरीफ के छोटे भाई शहबाज शरीफ को इस बार कठपुतली सरकार के प्रधानमंत्री के चेहरे के तौर पर सामने रखा गया है। पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन होने और सेना की सत्ता में काबिज ना होने पर शहबाज शरीफ यहां के नए प्रधानमंत्री बन सकते हैं। शहबाज 3 बार पाकिस्तानी पंजाब के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और अपने बयानों व उटपटांग हरकतों के लिए जाने जाते हैं। सस्ती राजनीति का परिचय देते हुए यह भी अक्सर मीडिया के सामने भारत के खिलाफ घटिया बयान बाजी करते नजर आते हैं।

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