जब पाकिस्तानी विदेश मंत्री से अफगानी पत्रकार ने पूछा- भारत अफगानिस्तान के संबंध अच्छे हैं तो आपको क्या दिक्कत ?

जब पाकिस्तानी विदेश मंत्री से अफगानी पत्रकार ने पूछा- भारत अफगानिस्तान के संबंध अच्छे हैं तो आपको क्या दिक्कत ?

काबुल सिटी। Social Media: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर इन दिनों कुछ वीडियो क्लिप्स काफी वायरल हो रही है। यह वीडियो क्लिप अफगानिस्तान के लोकप्रिय न्यूज़ चैनल टोलो टीवी ने अपने ट्विटर हैंडल से साझा किए हैं। इन वीडियोस में टोलो टीवी के पत्रकार पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का इंटरव्यू ले रहे हैं। अफगान और भारत के संबंधों की बातचीत चली तो कुरैशी तिलमिलाने लगे। दोनों मुल्कों के अच्छे रिश्ते को लेकर उंगली उठाने लगे और फिर सवालों पर सवाल करते अपनी ही बातों में उलझ गए। बाद में बगलें झांकते नजर आए।

इस टॉक शो के दौरान टोलो न्यूज के प्रमुख लोतफुल्ला नजफिजादा ने कुरैशी से कई सवाल किए और कुरैशी बस उन सवालों के उलझन भरे जवाब देकर या फिर उन्हें मुस्कुरा कर डालते नजर आए। अफगानिस्तान की सरकार अपने देश के विकास में भारत की अहम भूमिका को देख रही है, लेकिन अफगानिस्तान और भारत के बेहतर संबंधों से पाकिस्तान को कितनी तकलीफ है। यह भी कुरैशी की तिलमिला हट में नजर आई कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान में भारत की मौजूदगी खल रही है। इस बातचीत के दौरान कुरैशी ने अफगानिस्तान में भारत की मौजूदगी को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

लोतफुल्ला नजफिजादा के एक सवाल पर कुरैशी ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के द्विपक्षीय रिश्ते हैं। अफगानिस्तान का ये अधिकार है कि वो भारत के साथ द्विपक्ष रखे। दोनों देशों के बीच व्यावसायिक रिश्ता भी है। इसमें पाकिस्तान को कोई दिक्कत भी नहीं है। मगर उन्हें लगता है कि अफगानिस्तान में भारत की मौजदूगी जितनी होनी चाहिए उससे कहीं अधिक है। यह तब है जब भारत और अफगानिस्तान की सीमा एक-दूसरे से नहीं लगती है।  

इसके बाद टोलो जब पत्रकार ने कुरैशी से पूछा कि क्या आपको भारत की मौजूदगी परेशान करती है? इस पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि अगर अफगानिस्तान की जमीन का प्रयोग पाकिस्तान के खिलाफ होगा तो उचित नहीं है। पत्रकार ने पूछा कि क्या भारत ने ऐसा किया है तो क़ुरैशी मुस्कराने लगे। अफगानिस्तान की सीमा भारत से नहीं लगती तो क्या, अफगानिस्तन और भारत में अच्छे रिश्ते हैं पाकिस्तान को क्या दिक्कत है ? तो वे इस पर कोई जवाब नहीं दे पाए और बस बगले देख कर मुस्कुराने लगे।

लोतफुल्लाह ने पूछा कि क्या तालिबान नेता हैबतुल्लाह अखुंदजादा, मुल्ला याकूब या सिराजुद्दीन हक्कानी पाकिस्तान में नहीं हैं? इस पर क़ुरैशी ने कहा कि यह सवाल आप अपनी सरकार से पूछें। इस पर कुरैशी को टोकते हुए पत्रकार ने कहा कि मई में तालिबान नेता शेख अब्दुल हकीम अफगानिस्तान में अपने नेताओं से मिलने आए थे। शेख अब्दुल हकीम ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह पाकिस्तान से आए हैं। पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन तालिबान के नेता ने अफगानिस्तान दौरे के दौरान सार्वजनिक रूप से यह बात बताई थी।

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