Chhattisgarh : कोरोना और फूड प्वाइजनिंग की चपेट  में आए माओवादी

Chhattisgarh : कोरोना और फूड प्वाइजनिंग की चपेट में आए माओवादी

रायपुर। Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में आतंक का पर्याय बन चुके माओवादी अब कोरोना वायरस और फूड प्वाइजनिंग की जद में हैं। यही नहीं, कभी कोरोना महामारी को लेकर बस्तर क्षेत्र के माओवादी दुष्प्रचार करते थे कि कोई कोरोना नामक बीमारी नहीं है, लेकिन अब वे खुद इससे पीड़ित हो रहे हैं। जबकि पुलिस नें इनामी नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील की है और साथ ही माओवादियों का उपचार अपने खर्च से कराने का आश्वासन दिया है। माओवादी लगातार कोरोना से पीड़ित हो रहे हैं।

पहले कोरोना महामारी को हल्के में लेते थे और लोगों से ऐसी किसी बीमारी के नहीं होने का दावा करते थे, लेकिन अब खुद माओवादी मुखिया सहित दल के कई सदस्य संक्रमित हो गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इनमें से कई पर लाखों का इनाम घोषित है। इसके साथ पुलिस ने कोरोना संक्रमित माओवादियों से अपील की है कि कोरोना आम ग्रामीणों में ना फैले इस लिहाज वह समर्पण करें। बता दें कि विगत चार महीने के भीतर माओवादियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने 7 कैम्प बनाए हैं। कोविड संक्रमण के चलते पूरे प्रदेश में लॉकडाउन है। ऐसे में दवा और रसद माओवादियों तक पहुंच नहीं रहा है, जिसके चलते माओवादियों को फूड प्वाइजनिंग हो रही है। माओवादियों के दल का मुखिया दंडकारण्य के सदस्य 25 लाख के इनामी माओवादी सुजाता कोरोना से ग्रसित हो गई है। इसके अलावा माओवादी, सोनू और दिनेश जयलाल के साथ गढ़वा कमेटी के 30 से 40 सदस्य कोरोना पीड़ित हैं। दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने कहा है कि खाद्य सामाग्रियों की आपूर्ति बंद हो गई है। ऐसे में माओवादी एक्सपायरी डेट के सामान का उपयोग कर रहे हैं। इससे फूड प्वाइजनिंग फैला है। जबकि कोरेाना संक्रमितों का उपचार नहीं हुआ तो आम जनता में कोरोना का संक्रमण फैलेगा, इसलिए पुलिस ने माओवादियों से आत्मसमर्पण की अपील की है।

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