National Blockchain Project: अब डिजिटल वॉलेट में सुरक्षित रहेंगी आप की डिग्रियां, जानिए क्या है नेशनल ब्लॉकचेन प्रोजेक्ट ?

National Blockchain Project: अब डिजिटल वॉलेट में सुरक्षित रहेंगी आप की डिग्रियां, जानिए क्या है नेशनल ब्लॉकचेन प्रोजेक्ट ?

National Blockchain Project: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी) द्वारा “नेशनल ब्लॉकचेन प्रोजेक्ट” के तहत यह ब्लॉकचेन-संचालित तकनीक विकसित की गई है।

आईआईटी कानपुर के निदेशक अभय करंदीकर ने कहा कि, इस तकनीक का उपयोग भविष्य में सभी प्रमाण पत्र और डिग्री प्रदान करने के लिए भी किया जा सकता है।

डिजिटल प्रमाणपत्र
ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करके प्रदान किए गए डिजिटल प्रमाणपत्र प्राप्तकर्ताओं के मोबाइल उपकरणों पर स्थापित डिजिटल वॉलेट में स्टोर किए जाएंगे। यह प्रमाणपत्र जाली नहीं हो सकते हैं और दुनिया भर में सत्यापन योग्य हैं। हाल ही में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 और 2022 के 61 विजेताओं को डिजिटल प्रमाणपत्र मिले हैं, जिसमे ब्लॉकचेन-संचालित तकनीक का उपयोग किया गया है।

इन्होंने विकसित की तकनीक
इस डिजिटल तकनीक को ‘सीआरयूबीएन’ द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। यह एक स्वदेशी फर्म है जो ब्लॉकचेन समाधान प्रदान करती है। इसकी स्थापना आईआईटी के 4 पूर्व छात्रों ने ने की थी। नीलेश वसीता, आईआईटी कानपुर, रास द्विवेदी, आईआईटी कानपुर तन्मय यादव, आईआईटी कानपुर, मुकुल वर्मा, आईआईटी बॉम्बे से पास आउट हैं। इस तकनीक को पद्म श्री प्रो. मनिंद्र अग्रवाल और प्रो. संदीप के शुक्ला, जो राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के तहत राष्ट्रीय ब्लॉकचेन परियोजना के संयुक्त समन्वयक हैं, की देखरेख में विकसित किया गया था।

राष्ट्रीय ब्लॉकचेन परियोजना को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है ताकि ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी का उपयोग करके ई-गवर्नेंस समाधान विकसित किया जा सके। इस परियोजना में ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी के उपयोग पर निर्णय लेने के लिए तीन महीने का व्यवहार्यता अध्ययन शामिल है और इसके अनुसंधान और सत्यापन के साथ-साथ ऊष्मायन योजना की रूपरेखा तैयार की गई है। पहले चरण के तहत, ब्लॉकचेन की उपयोगिता को प्रदर्शित करने के लिए दो ई-गवर्नेंस अनुप्रयोगों की पहचान की गई थी।

राष्ट्रीय ब्लॉकचेन रणनीति
यह दिसंबर 2021 में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित की गई थी। इसने बहु-संस्थागत दृष्टिकोण अपनाया है। इस रणनीति में ब्लॉकचेन को सेवा के रूप में पेश करने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी), सेंटर फॉर डेवलपमेंट आफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) और नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर सर्विसेज (एनआइसीएसआई) शामिल हैं।

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