NASA के अंतरिक्ष यान Juno ने भेजीं सौर मंडल के सबसे बड़े उपग्रह गेनीमेड की सतह की तस्वीरें

NASA के अंतरिक्ष यान Juno ने भेजीं सौर मंडल के सबसे बड़े उपग्रह गेनीमेड की सतह की तस्वीरें

NASA : Juno : Ganymede : नासा के अंतरिक्ष यान जूनो ने 7 जून, 2021 को अंतरिक्ष से पहली दो तस्वीरें पृथ्वी पर भेजी हैं। यह तस्वीरें बृहस्पति के विशाल चंद्रमा गैनीमेड की फ्लाईबाई के दौरान प्राप्त हुई हैं। इनमें से एक तस्वीर जुपिटर ऑर्बिटर के जूनोकैम इमेजर से और दूसरी इसके स्टेलर रेफरेंस यूनिट स्टार कैमरा से ली गई है। यह तस्वीरें गेनीमेड की सतह को पूरे विस्तार से दिखाती हैं, जिसमें क्रेटर, स्पष्ट रूप से अलग अंधेरे और उज्ज्वल इलाके, और लंबी संरचनात्मक विशेषताएं शामिल हैं।

source: NASA

दो दशकों से अधिक समय में किसी भी अन्य अंतरिक्ष यान की तुलना में बृहस्पति के सबसे बड़े चंद्रमा गेनीमेड के सबसे करीब तक नासा के जूनो ने उड़ान भरी है, जो बर्फीले ओर्ब की नाटकीय झलक पेश करता है।

सैन एंटोनियो में साउथवेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के जूनो प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर स्कॉट बोल्टन ने कहा, “यह इस पीढ़ी में बृहस्पति के विशाल चंद्रमा गेनीमेड के अध्ययन के लिए सबसे निकटतम अंतरिक्ष यान है। हम किसी भी वैज्ञानिक निष्कर्ष को निकालने से पहले इसका और अधिक अध्ययन करना चाहते हैं।”

पता लगाएं कि इस समय सौर मंडल में कहां पर है जूनो

https://deeq9fypw3lao.cloudfront.net/apps/juno-embed/

अपने बेलनाकार, छह-तरफा शरीर में लगभग 66 फीट (20 मीटर) की दूरी पर लगे तीन विशाल ब्लेड के साथ जूनो अंतरिक्ष यान एक गतिशील इंजीनियरिंग चमत्कार है। यह बृहस्पति के चारों ओर अंडाकार आकार की परिक्रमा करता है।

(सौजन्य: NASA/JPL-कैल्टेक)

अपने हरे रंग के फिल्टर का उपयोग करते हुए अंतरिक्ष यान के जूनोकैम दृश्य-प्रकाश इमेजर ने गेनीमेड चंद्रमा के एक बड़े हिस्से की तस्वीर ली। बाद में कैमरे के लाल और नीले रंग के फिल्टर को शामिल करते हुए इमेजिंग विशेषज्ञ गैनीमेड का एक रंगीन चित्र तैयार करने में सक्षम होंगे। आने वाले दिनों में अंतरिक्ष यान अपने गेनीमेड फ्लाईबाई से और छवियां भेजेगा, जिसमें जूनोकैम की रॉ इमेजेस उपलब्ध हो सकेंगी। सौर ऊर्जा से चलने वाले अंतरिक्ष यान के जोवियन चंद्रमा के साथ संपर्क से इसकी संरचना, आयनोस्फीयर, मैग्नेटोस्फीयर और बर्फ के खोल में दबे रहस्यों से पर्दा उजागर होने की उम्मीद है।

अंतरराष्ट्रीय विज्ञान तकनीकी