Government crisis in Pakistan: पाकिस्तान में उड़ी संविधान की धज्जियां, नेशनल असेंबली में अजीबोगरीब ड्रामा, विपक्ष ने आसंदी पर अपने नेता को बैठाया

Government crisis in Pakistan: पाकिस्तान में उड़ी संविधान की धज्जियां, नेशनल असेंबली में अजीबोगरीब ड्रामा, विपक्ष ने आसंदी पर अपने नेता को बैठाया

इस्लामाबाद। Government crisis in Pakistan: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित नेशनल असेंबली में आज इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान होना था, लेकिन आसंदी पर बैठे डिप्टी स्पीकर ने इस अविश्वास प्रस्ताव को ही खारिज कर दिया।

इसके बाद इमरान खान की सिफारिश पर असेंबली को भंग कर दिया गया। वहीं दूसरी तरफ इस तरह के कदम को असंवैधानिक बताते हुए विपक्ष सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है और सुप्रीम कोर्ट ने उसकी दलील को स्वीकार कर लिया है।

दूसरी तरफ विपक्ष ने नेशनल असेंबली को अपने कब्जे में ले लिया और एसेंबली के अंदर स्पीकर की कुर्सी पर अपने नेता को बैठा दिया है। असेंबली के अंदर विपक्ष का कब्जा है और इमरान खान गायब हैं। वह अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए बुलाई गई सभा में भी मौजूद नहीं थे जहां इस प्रस्ताव को खारिज किया गया।

संविधान के विशेषज्ञ इसे एक बड़ी गलती बता रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सदन में यदि एक बार अविश्वास प्रस्ताव के लिए सदस्य एकत्रित हो जाते हैं तो फिर प्रस्ताव को खारिज नहीं किया जा सकता। इस स्थिति में वोटिंग कराना अनिवार्य होता है। नियम विरुद्ध कार्य करने पर इमरान खान और नेशनल असेंबली के डेप्युटी स्पीकर के खिलाफ देशद्रोह का मामला कायम हो सकता है, जैसा कि इससे पहले नवाज शरीफ के साथ हुआ था।

असेंबली भंग होने के बाद अगले चुनाव के लिए इमरान खान के पास 90 दिनों का समय होगा, लेकिन हालात को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि अगले कुछ घंटों या दिनों के अंदर ही यहां सेना का शासन लागू हो सकता है।

दूसरी तरफ पाकिस्तानी सेना ने अपने आप को इस मामले से निष्पक्ष दिखाते हुए एक ताजा बयान जारी कर कहा है कि देश की राजनीतिक प्रक्रिया से हमारा कोई लेना देना नहीं है, लेकिन पाकिस्तान की राजनीति का विश्लेषण करने वाले ऐसा मान रहे हैं कि सेना पर्दे के पीछे बैठकर कोई नया गेम प्लान कर रही है जैसा पाकिस्तान में पहले भी होता रहा है।

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