भीषण चक्रवात में तब्दील हुआ समुद्री तूफान YAAS, तटवर्ती क्षेत्र में मचाई तबाही▶️

भीषण चक्रवात में तब्दील हुआ समुद्री तूफान YAAS, तटवर्ती क्षेत्र में मचाई तबाही▶️

पूर्वी मेदिनीपुर/ दक्षिण 24 परगना। समुद्री तूफान यास YAAS दक्षिण ओडिशा तट के बालेश्वर को पार कर गया है और भीषण चक्रवात में तब्दील हो गया है। इसके कल सुबह झारखंड पहुँचने की आशंका है। केंद्रीय मौसम विभाग के महानिदेशक महापात्र ने बताया कि चक्रवात के कारण ओडिशा में दिन भर तेज़ से बहुत तेज बारिश जारी रहने की आशंका है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सिक्किम बिहार और झारखंड में भी आज और कल पूरे दिन तेज से बहुत तेज बारिश होने की आशंका है।

आज और कल तक झारखंड के चार जिलों पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला खरसावां और सिमडेगा को चक्रवात यास के प्रभाव के कारण मौसम विभाग ने अलर्ट रेड अलर्ट पर रखा है। इस बीच राज्य के कई हिस्सों में सुबह से ही बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। एनडीआरएफ की टीम को पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला में तैनात किया गया है जो चक्रवात यास के कारण सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र होने का अनुमान है।

YAAS

पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला खरसावां जिलों के उपायुक्त ने लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। पूर्वी सिंहभूम जिला के उपायुक्त सूरज कुमार ने बताया कि तूफान के मद्देनजर सभी तरह के एहतियाती उपाय किए गए हैं। भीषण चक्रवात यास के असर से पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना के तटवर्ती क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। आज सुबह साढ़े नौ बजे के इस क्षेत्र से गुजरने के साथ ही 70 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से तेज हवाओं के साथ भीषण वर्षा शुरू हो गई। तूफान से उड़ीसा के तटवर्ती इलाके भी प्रभावित हुए हैं बालासोर और केंद्रपाड़ा और भद्रक जिले में गांव तक समुद्र का पानी घुस गया है।

समुद्र में उंची लहरें उठीं और निचले क्षेत्रों में तेज वर्षा होने से नदियों में आई बाढ़ से तटबंधों को नुकसान पहुँचा। मेदिनीपुर जिले में करीब 70 किलोमीटर क्षेत्र में नदी तटबंधों को नुकसान पहुंचा और 51 तटबंध टूट गए। दीघा में फंसे लोगों को बचाने के लिए सेना को बुलाया गया है। करीब 15 स्थानों पर नदियों के तटबंध टूटने से दक्षिण 24 परगना जिले में सुंदरवन क्षेत्र के गांवों में पानी भर गया। इनमें सागर नाम मखाना और बसंती शामिल हैं।

करीब 20 हजार कच्चे मकान ढह गए हैं। कई इलाके बाढ़ से घिर गए हैं। पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ने से लोगों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। एनडीआरएफ एनडीआरएफ और सेना की आपदा प्रबंधन टीमें युद्धस्तर पर बचाव कार्यों में लगी हुई हैं। 15 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, लेकिन कई स्थानों पर पेड़ उखड़ने के अलावा कोलकाता में यास का कोई खास दुष्प्रभाव नहीं पड़ा है।

ओडिशा तट पर पहुंचकर कमजोर पड़ा तूफान

मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान YAAS उत्तरी तटीय ओडिशा के ऊपर उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा, पिछले 6 घंटों के दौरान लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के साथ, एक गंभीर चक्रवात में कमजोर होकर, एक गंभीर चक्रवात में बदल गया 26 मई, 2021 को पूर्वोत्तर ओडिशा में, अक्षांश 21.6°N और देशांतर 86.7°E के पास, बालासोर के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में लगभग 25 किमी (42895)।

सिस्टम के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 3 घंटों के दौरान एक चक्रवाती तूफान में कमजोर होने की संभावना है।

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