COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में अब ग्लोबल डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा भारत का COWIN

COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में अब ग्लोबल डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा भारत का COWIN

नई दिल्ली। COWIN : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कोविन प्‍लेटफॉर्म को एक खुला स्रोत बनाया जा रहा है और सभी देशों के लिए उपलब्‍ध कराया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि समूचे विश्‍व को एक परिवार मानने के भारत के दर्शन के अनुरूप कोविन को इस तरह से तैयार किया जा रहा है। श्री मोदी कोविन ग्‍लोबल कॉनक्‍लेव को सम्‍बोधित कर रहे थे। इस वर्चुअल बैठक में, देश में विकसित कोविन प्‍लेटफॉर्म को एक सौ 42 देशों के प्रौद्योगिकी और स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों के सामने पेश किया गया। ग्‍लोबल कॉनक्‍लेव का आयोजन स्‍वास्‍थ्‍य तथा परिवार कल्‍याण मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य प्राधिकरण ने संयुक्‍त रूप से किया। इसका उद्देश्‍य विश्‍व को डिजिटल सार्वजनिक प्‍लेटफॉर्म के रूप में कोविन प्‍लेटफॉर्म उपलब्‍ध कराना है।

प्रधानमंत्री ने अपने अनुभवों, विशेषज्ञता और संसाधनों को विश्‍व समुदाय के साथ साझा करने की भारत की प्रतिबद्धता के साथ-साथ दुनिया से सीखने की भारत की इच्‍छा का भी उल्‍लेख किया। महामारी से निपटने में प्रौद्योगिकी के महत्‍व पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सॉफ्टवेयर एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें संसाधनों की कोई बाधा नहीं है, इसीलिए भारत ने तकनीकी रूप से जितनी जल्‍दी सम्‍भव हो सका कोविड ट्रेकिंग और ट्रेसिंग ऐप ओपन सोर्स बनाया। उन्‍होंने कहा कि लगभग बीस करोड यूजर्स के साथ आरोग्‍य सेतु ऐप डवेलपरों के लिए उपलब्‍ध है।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने टीके के महत्‍व को देखते  हुए टीकाकरण की कार्यनीति बनाते समय शुरू से ही पूरी तरह डिजिटल दृष्टिकोण अपनाया है। इससे टीको के इस्‍तेमाल की जानकारी प्राप्‍त करने और इनकी बरबादी कम से कम करने में भी मदद मिली। श्री मोदी ने कहा कि आज का कॉनक्‍लेव वैश्‍विक श्रोताओं को इस प्‍लेटफॉम से परिचित कराने का पहला कदम है। उन्‍होंने बताया कि कोविन के माध्‍यम से भारत में कोविडरोधी वैक्‍सीन की 35 करोड डोज दी जा चुकी है। उन्‍होंने बताया कि कुछ दिन पहले एक ही दिन में नब्‍बे लाख टीके लगाए गए। प्रधानमंत्री ने इच्‍छुक देशों की स्‍थानीय आवश्‍यकताओं के अनुरूप इस सॉफ्टवेयर की अनुकूलनशीलता पर भी प्रकाश डाला। उन्‍होंने इस आशा के साथ कॉनक्‍लेव को समाप्‍त किया कि एक देश एक स्‍वास्‍थ्‍य के दृष्टिकोण से मानवता, निश्‍चित रूप से इस महामारी पर विजय प्राप्‍त कर लेगी।

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉक्‍टर हर्षवर्धन ने वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के माध्‍यम से कॉनक्‍लेव के उद्घाटन सत्र को सम्‍बोधित करते हुए कहा कि भारत ने हमेशा वसुदैव कुटुम्‍बकम के अपने प्राचीन दर्शन में विश्‍वास किया है, जिसका अर्थ है समूचा विश्‍व एक परिवार है। उन्‍होंने कहा कि यह कॉनक्‍लेव इसी दर्शन का एक ज्‍वलंत उदाहरण है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि कोविन प्‍लेटफार्म, डिजिटल इंडिया पहल का ताज रत्‍न है। उन्‍होंने कहा कि यह प्‍लेटफॉर्म दुनिया की आबादी के बडे हिस्‍से को आसानी से टीकाकरण की सुविधा उपलब्‍ध कराने और इसमें पारदशिता सुनिश्‍चित करने का इतिहास रचेगा। उन्‍होंने कहा कि वैश्‍विक स्‍तर पर इस प्‍लेटफॉर्म की प्रशंसा हो रही है और कई देशों का इस प्रौद्योगिकी और विशेषज्ञता में रूचि दिखाना इसके प्रति उनके विश्‍वास की पुष्टि करता है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने गर्व व्‍यक्‍त किया कि कोविन के माध्‍यम से  भारत के टीकाकरण अभियान का आधार है जो नागरिक पंजीकरण, समय निधारण, टीकाकरण और प्रमाणन का समग्र प्रबंधन किया जाता है। इसकी पारदर्शी प्रणाली टीके की प्रत्‍येक खुराक की ट्रेकिंग, टीकाकरण केंद्रों पर आपूर्ति की निगरानी में सहायक है इससे मांग के बारे में रिकॉर्ड भी रखा जा सकता है। डॉक्‍टर हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार इस साल दिसम्‍बर तक पूरी वयस्‍क आबादी का टीकाकरण करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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