CM Bhupesh Baghel bhent mulakat viral video: आधा वीडियो दिखाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश, पूरा वीडियो देखकर जानिए सीएम से डांट खाने वाली सिमरन की पूरी कहानी

CM Bhupesh Baghel bhent mulakat viral video: आधा वीडियो दिखाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश, पूरा वीडियो देखकर जानिए सीएम से डांट खाने वाली सिमरन की पूरी कहानी

रायपुर। CM Bhupesh Baghel bhent mulakat viral video: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इन दिनों अपने भेंट मुलाकात कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में जाकर चौपाल में बैठकर लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी समस्याओं से रूबरू हो रहे हैं।

इस बीच वह पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं और ऑन द स्पॉट फैसले भी कर रहे हैं। जनता के बीच जब मुख्यमंत्री उनकी समस्या सुन रहे होते हैं तो लोग जमीनी तौर पर उन्हें उन बुनियादी समस्याओं से अवगत कराते हैं जिनकी वजह से वह किसी न किसी परेशानी से जूझ रहे हैं। इस भेंट मुलाकात के दौरान कई पटवारियों, कर्मचारियों और अधिकारियों कि शिकायतें सामने आई और उन पर तुरंत कार्रवाई की गई।

अपने इसी भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सूरजपुर जिले के भटगांव पहुंचे थे। भेंट मुलाकात में एक महिला फरियादी के रूप अपनी शिकायत मुख्यमंत्री के समक्ष लेकर आई थी। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ रमन सिंह ने इस भेंट मुलाकात में सिमरन नाम की इस महिला के साथ मुख्यमंत्री की भेंट मुलाकात को चर्चा में ला दिया था। उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए उसके साथ… टैगलाइन दी थी- भेंट मुलाकात या बदतमीजी और डांट… दरअसल डॉ रमन सिंह ने वीडियो का आधा हिस्सा ही सोशल मीडिया में पोस्ट किया और बाकी का आधा हिस्सा लोगों को नहीं दिखाया। आधे हिस्से के अंत में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल महिला को डांटने के अंदाज में बैठने के लिए कहते हुए सुने जा सकते हैं।

दरअसल सिमरन कौर नाम की यह महिला जब मुख्यमंत्री को अपनी शिकायत से अवगत करा रही थी उस दौरान उन्होंने उसे बैठ कर शांतिपूर्वक अपनी बात करने को कही थी, लेकिन महिला लगातार डट कर खड़ी थी। इसी बीच वह महिला कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के पीछे खड़े सूरजपुर एसपी रामकृष्ण साहू को घेरने की कोशिश करने लगी और उन पर आरोप लगाने लगी कि वह मुख्यमंत्री से उसे मिलने से रोक रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह खुले तौर पर लोगों से मिल रहे हैं, जगह-जगह घूम रहे हैं। इस बीच उसने कहीं भी उनसे अपनी शिकायत क्यों नहीं की? महिला स्पष्ट जवाब नहीं दे सकती और वीडियो खत्म हो जाता है।

डॉ रमन सिंह द्वारा साझा किए गए वीडियो में सिर्फ इतनी ही कहानी बयां की गई है, लेकिन इसके आगे की कहानी बाकी है। वीडियो के अगले हिस्से में मुख्यमंत्री एसपी से इस संबंध में जवाब मांगते हैं। पीछे खड़े एसपी माइक लेकर जो जवाब देते हैं, उससे वहीं साबित हो जाता है कि महिला द्वारा पुलिस प्रशासन और सरकार की छवि खराब करने के उद्देश्य से इस तरह के कार्यक्रम में हंगामा करने की कोशिश की गई। एसपी बताते हैं कि महिला ने दो अलग-अलग थानों में दो अलग-अलग मामलों में ससुराल पक्ष वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए हैं। इन मामलों में कार्रवाई भी हो रही है। महिला ने दूसरी शादी की है और पहले पति की मौत हो चुकी है। पुलिस के अनुसार पति की मौत जहर सेवन की वजह से हुई थी और अब तक पुलिस इसे आत्महत्या मानती रही है, लेकिन सिमरन के पूर्व पति विकास के भाई विशाल ने कुछ अलग ही कहानी बयां की है। विशाल का कहना है कि उसका भाई विकास, सिमरन से शादी के बाद से उससे और अपने ससुराल वालों से प्रताड़ना का शिकार था। उसे परेशान किया जाता था और हमें शक है कि उसे जहर देकर उसकी हत्या की गई है।

बहरहाल सिमरन कौर की कहानी के अनसुलझे पहलु पर अभी स्थानीय पुलिस कार्रवाई कर रही है। वह उसके द्वारा की गई शिकायतों की निष्पक्ष तौर पर जांच भी कर रही है, लेकिन सिमरन कौर पुलिस के कार्य से असंतुष्ट नजर आ रही है। यह सिमरन कौर का अपना नजरिया हो सकता है, लेकिन प्रदेश के पारखी मुख्यमंत्री को इस बात का अच्छी तरह अंदाजा है कि कौन कितनी सच्चाई और ईमानदारी के साथ अपनी बातें रखने के लिए भेंट मुलाकात जैसे पारंपरिक नाम और शैली वाले कार्यक्रम में उनके समक्ष आया है।

डॉ रमन सिंह को इस तरह आधा अधूरा वीडियो दिखाकर जनता के बीच भ्रम नहीं फैलाना चाहिए। अगर वह पूरा वीडियो दिखाते तो शायद पॉलिटिकल मुद्दा बनाने के लिए उनके पास मसाला नहीं होता। उन्हें यह बात समझनी होगी कि आज के समय में इस तरह की डिजिटल डॉक्यूमेंटल सामग्री की पहुंच सिर्फ उन तक सीमित नहीं है, इस तरह के वीडियो उनसे पहले आम जनता तक पहुंच जाते हैं। लोकतंत्र में जनता बहुत ताकतवर है, लेकिन इनमें भ्रम फैलाने, झूठ बोलकर स्वार्थ सिद्ध करने वाली ताकतें भी मौजूद हैं। एक समझदार मुखिया जो चौपाल में बैठकर मुद्दों और समस्याओं को सुन रहा है, उसके अंदर इस तरह के लोगों को पहचानने और डांट डपट कर उनका हौसला कमजोर करने की भी हिम्मत होनी चाहिए। सिर्फ झूठी वाहवाही पाने के लिए किसी की भी आम जनता कहकर तरफदारी करना उचित नहीं। जनता अपने नेताओं के व्यक्तित्व को समझती है। यदि आप भ्रम फैलाने की कोशिश करेंगे तो जनता आपको उसी नजरिए से देखेगी।

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