Chhattisgarh: निलंबित एडीजी की डायरी में लिखा मिला- “बस्तर को कैसे सुलगाया जा सकता है”, राजद्रोह का मुकदमा दर्ज

Chhattisgarh: निलंबित एडीजी की डायरी में लिखा मिला- “बस्तर को कैसे सुलगाया जा सकता है”, राजद्रोह का मुकदमा दर्ज

रायपुर। Chhattisgarh:  कोयला दलाली और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नाम सामने आने के बाद जांच के दायरे में आए छत्तीसगढ़ के  निलंबित एडीजी जीपी सिंह के  घर से जब एक डायरी से राज्य में षडय़ंत्रकारी नक्सल गतिविधियों का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एसीबी की लिखित शिकायत पर जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का प्रकरण दर्ज  कर लिया है। जीपी सिंह की कथित हस्तलिखित पन्नों में मौजूदा सरकार के मंत्री से लेकर पूर्व सीएम के खिलाफ भी आपत्तिजनक बातें कही गई हैं। पन्नों में इस बात का भी जिक्र है कि बस्तर को किस तरह सुलगाया जा सकता है।

कोतवाली पुलिस ने जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का प्रकरण दर्ज किया है। जीपी सिंह के यहां जब्त डायरी के पन्नों की हस्तलिपि विशेषज्ञों से जांच कराई जा रही है। एसीबी ने अपने ही पूर्व मुखिया जीपी सिंह के  ठिकानों पर एक जुलाई को छापेमारी की थी और यहां डायरी, पेनड्राइव, और हार्डडिस्क और कई अहम दस्तावेज बरामद किए थे। 

बताया गया कि छापेमारी के समय जीपी सिंह अपने पेंशनबाड़ा स्थित सरकारी निवास पर थे, लेकिन एसीबी की टीम को घर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। करीब एक घंटे इंतजार के बाद टीम अंदर प्रवेश कर सकी।  बताया जा रहा है कि टीम के अंदर आने से पहले कई सामान इधर-उधर किए गए और डायरी के कुछ पन्नों को फाडक़र फेंक दिया गया। जप्त डायरी में कई गंभीर, और षडय़ंत्रकारी गतिविधियों का जिक्र है। 

डायरी के पन्नों में  पूर्व सीएम और  कई प्रशासनिक अफसरों के बारे में कई बातें लिखी गई हैं। कई अधिकारियों की संपत्ति का भी जिक्र इस डायरी में किया गया है इसके साथ ही वर्तमान सरकार के एक मंत्री की प्रतिबंधित संगठन से संलिप्तता की बात भी कही गई है। 

बहरहाल इन सब दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस ने जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का मामला कायम किया है और अब गिरफ्तारी के लिए उनकी तलाश की जा रही है। जीपी सिंह के करीबियों से पूछताछ की जा रही है। बता दें कि पूर्व में आईपीएस राहुल शर्मा की आत्महत्या के मामले में भी जीपी सिंह जांच के घेरे में आए थे। बिलासपुर में पदस्थ पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने अपनी ही सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उनके पास से मिले सुसाइड नोट में कोल माफियाओं के षड्यंत्र में फंसाए जाने और वरिष्ठ अधिकारी द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का जिक्र था। उस वक्त जीपी सिंह बिलासपुर में आईजी के पद पर पदस्थ थे। बाद में जेपी सिंह को मामले में क्लीन चिट दे दी गई थी। 

छत्तीसगढ़ रायपुर