Chhattisgarh: अब जनजाति आयोग में ई-मेल के माध्यम से भी कर सकते हैं शिकायत, होगी त्वरित कार्यवाही

Chhattisgarh: अब जनजाति आयोग में ई-मेल के माध्यम से भी कर सकते हैं शिकायत, होगी त्वरित कार्यवाही

अम्बिकापुर। Chhattisgarh: अनुसूचित जनजाति आयोग को प्राप्त संवैधानिक शक्तियों के अन्तर्गत प्रदेश के हर आदिवासी समुदाय की प्रत्येक समस्याओं और ज्वलंत मुद्दों पर मैं समाज के सभी आकांक्षा और विश्वास पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास करूंगा।

यह विचार छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष बनने के उपरांत प्रथम अम्बिकापुर प्रवास के दौरान स्थानीय सर्किट हाउस में कंवर समाज के पदाधिकारियों से भेंट करते हुये भानुप्रताप सिंह मरकाम ने व्यक्त किये। इस अवसर पर आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष ने बताया कि पदभार ग्रहण करते ही अजजा आयोग के कार्यों में और अधिक सुदृढ़ता लाने के प्रयास जारी हो गये हैं, जिसके तहत् ई-मेल के माध्यम से अब कोई भी अजजा वर्ग का पीड़ित व्यक्ति सीधे आयोग में अपनी शिकायत व सुझाव दर्ज करा सकता है, जिसपर त्वरित कार्यवाही की जायेगी। इसके लिये आयोग के ई-मेल आई.डी. staayog48@gmail का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया गया। श्री सिंह को सरपंच से लेकर विधायक तक के सफर और उसके बाद छ.ग. अजजा आयोग के अध्यक्ष के रूप में मिले दायित्वों व आदिवासी समुदाय के लिये कार्य करने के अवसर से भरी हुई नई भूमिका के लिये कंवर समाज विकास समिति सरगुजा के पदाधिकारियों द्वारा शुभकामनायें व बधाई देते हुये माल्यार्पण व पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया।
भेंटवार्ता के दौरान कंवर समाज विकास समिति जिला सरगुजा के संरक्षक सह कार्यकारी अध्यक्ष रामानंद कामरे एवं सचिव श्रीमती पूनम पैकरा द्वारा आयोग के अध्यक्ष को सरगुजा क्षेत्र में आदिवासियों के समक्ष व्याप्त ज्वलंत समस्याओं के समाधान हेतु ठोस कदम उठाने का ज्ञापन सौंपा गया। खासकर सरगुजा व सूरजपुर में कंवर एवं नगेसिया समुदाय तथा बलरामपुर जिले में पण्डो जनजाति को शारीरिक और सामाजिक शोषण के अनेक मामलों की जानकारी दी गई। पूरे संभाग में फर्जी आदिवासी बन सालों से नौकरी कर रहे कर्मचारियों के विरूद्ध जाॅंचोपरान्त उचित कार्यवाही करने का निवेदन किया गया । साथ ही संभाग के आदिवासी और आम रहवासी के समक्ष सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार, सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारियों को पेंशन के लिये दफ्तरों के चक्कर लगवाने की समस्या सहित राजस्व विभाग एवं पुलिस-थानों द्वारा आम ग्रामीण जनों और आदिवासियों को परेषान करने संबंधी व्यवहारिक समस्यायों की ओर ध्यानाकर्षण कराया गया।

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कंवर समाज के प्रतिनिधिमण्डल में उपस्थित छग अजजा शासकीय सेवक संघ के प्रांतीय संयुक्त सचिव संदीप पैकरा और सरगुजा कंवर समाज विकास समिति के संरक्षक जीतेन्द्र चन्द्रवंषी द्वारा आयोग के अध्यक्ष को पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे व 13 सूत्रीय मांग सहित, छ.ग. राज्य के नए अराजपत्रित पुलिस अधिकारी भर्ती नियम मंे फिर से छत्तीसगढ़ के आदिवासियों को न्यूनतम ऊॅंचाई की सीमा में छूट नहीं दिये जाने संबंधी अधिसूचना 23 जुलाई 2021 से अवगत कराया गया, कि हर बार की तरह इस बार भी बहुत सारे योग्य आदिवासी युवा सिर्फ ऊंचाई की वजह से परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे। भारत के पूर्वोत्तर एवं कुछ अन्य राज्यों में आदिवासियों के लिए ऊंचाई में हमेषा से 2-3 से.मी. छूट का प्रावधान रहता है, क्योंकि छ.ग. के सरगुजा व बस्तर क्षेत्र सहित मैदानी क्षेत्र के आदिवासी युवकों की ऊॅंचाई सामान्यतः कम होती है, लेकिन शारीरिक क्षमता व प्रतिभा में कोई कमी नहीं होती, इसलिये ऊंचाई के मापदण्ड में आदिवासी युवाओं को 2-3 से.मी. छूट के लिये आयोग को विचार कर आवष्यक कदम उठाने का निवेदन किया गया ।
सौजन्य भेंट वार्ता के दौरान छ.ग. अजजा आयोग के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने आदिवासी समाज के जनसरोकार से जुड़ी हुई समस्याओं पर ध्यानाकर्षित कराने हेतु कंवर समाज सरगुजा की मुक्त कंठ से प्रषंसा की, तथा अन्य सभी जनजातीय समाज से भी अपील किया, कि व्यक्तिगत रूप से सतत संपर्क में रहकर अपनी बातों को आयोग तक पहुॅंचाने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभायें। इस अवसर पर समाज के जीतन राम पैकरा, बजरंग पैकरा सहित कंवर समाज के कई अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

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