Agnipath Yojna Notification: 24 जुलाई को आयोजित होगी ‘अग्नि वीरों’ के पहले बैच की भर्ती रैली, 8वीं, 10वीं और 12वीं पास युवा कर सकेंगे आवेदन, अधिसूचना जारी

Agnipath Yojna Notification: 24 जुलाई को आयोजित होगी ‘अग्नि वीरों’ के पहले बैच की भर्ती रैली, 8वीं, 10वीं और 12वीं पास युवा कर सकेंगे आवेदन, अधिसूचना जारी

नई दिल्ली। Agnipath Yojna: रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आवश्यक पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले अग्निवीरों के लिए रक्षा मंत्रालय में नौकरी की रिक्तियों के 10% को आरक्षित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

यह 10% आरक्षण भारतीय तटरक्षक बल, रक्षा असैन्य पदों और सभी 16 रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में लागू किया जाएगा। इन प्रावधानों को लागू करने के लिए प्रासंगिक भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन लागू किए जाएंगे।

डीपीएसयू को सलाह दी जाएगी कि वे अपने संबंधित भर्ती नियमों में समान संशोधन करें। उपरोक्त नौकरियों में अग्निवीरों की भर्ती के लिए आवश्यक आयु सीमा में छूट का प्रावधान भी किया जाएगा।

इस साल 46,000 सैनिकों की भर्ती

अधिक योग्य और युवा सैनिकों को भर्ती करने के लिए दशकों पुरानी चयन प्रक्रिया में बड़े बदलाव के संबंध में रक्षा मंत्रालय कि योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल 46,000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे और चयन के लिए पात्रता आयु 17.5 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होगी और इन्हें ‘अग्निवीर’ नाम दिया गया है।

जारी हुई अधिसूचना

अग्नि वीरों की भर्ती के लिए आज सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। भारतीय सेना की वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर जाकर इस नोटिफिकेशन को डाउनलोड कर जानकारी हासिल कर सकते हैं। नोटिफिकेशन के मुताबिक जुलाई से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की शुरुआत हो जाएगी। इस भर्ती में 8वीं, 10वीं और 12वीं पास लोगों के लिए अलग-अलग मौके होंगे। 8वीं पास लोगों के पास अग्निवीर ट्रेड्समैन बनने को मौका होगा।

किसे मिलेगा कौन से पद पर मौका

अग्निवीर जनरल ड्यूटी के लिए यदि आप आवेदन करना चाहते हैं तो फिर उसके लिए कम से कम 45 फीसदी अंकों के साथ 10वीं पास होना जरूरी है। इसके अलावा सभी विषयों में 33 फीसदी अंक हासिल करना जरूरी है। यही नहीं जिन बोर्ड्स में ग्रेड सिस्टम है, वहां के छात्रों के लिए जरूरी है कि उन्हें कम से कम डी ग्रेड मिला हो। इसके अलावा 12वीं पास छात्र अग्निवीर टेक के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए यह जरूरी है कि 12वीं में उनके पास पीसीएम सब्जेक्ट के तौर पर रहा हो। वहीं किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास होने छात्र अग्निवीर क्लर्क और स्टोरकीपर के पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। यही नहीं 8वीं और 10वीं पास लोगों को भी अग्निवीर ट्रेड्समैन बनने का मौका मिलेगा।

कितना होगा सेवा काल और क्या शर्तें

अग्निवीरों का सेवा कार्यकाल 4 साल का होगा। आर्मी ऐक्ट 1950 के तहत उन्हें भर्ती किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर देश में कहीं भी उन्हें तैनात किया जा सकता है। अग्निवीर बनने वाले किसी भी युवा को पेंशन और ग्रैच्युटी नहीं मिलेगी। एनरोलमेंट के साथ ही उनका कार्यकाल शुरू हो जाएगा। भारतीय सेना में अग्निवीरों की अलग ही रैंक होगी। किसी भी वक्त अग्निवीरों की तय ड्यूटी में बदलाव किया जा सकता है। अग्निवीरों को किसी भी रेजिमेंट और यूनिट में जरूरत के मुताबिक तैनात किया जा सकता है। इसके अलावा किसी भी क्षेत्र में ट्रांसफर किया जा सकता है। 4 साल की सेवा के बाद 25 फीसद अग्नि वीरों की आगे भी सेना में सेवा जारी रहेगी, जबकि 75 फीसद अग्नि वीरों की सेवा समाप्त हो जाएगी।उसके बाद उन्हें 11 लाख 70 हजार रुपये के सेवा निधि पैकेज के साथ सेना से विदाई दी जाएगी। इस 11 लाख रुपये की रकम में से 5 लाख रुपये की राशि उनकी सर्विस के दौरान मिलने वाली सैलरी के ही एक हिस्से से काटा जाएगा। अग्निवीरों को पूर्व सैनिकों को मिलने वाली एक्स-सर्विस मेन हेल्थ स्कीम का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा कैंटीन फैसिलिटी और पूर्व सैनिक का दर्जा भी नहीं मिलेगा। इसके अलावा ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 के तहत वे सेवा के दौरान सेना के बारे में हासिल कोई भी संवेदनशील जानकारी किसी को शेयर नहीं कर सकेंगे।

  • पहले वर्ष में अग्निवीरों को प्रति माह 30,000 रुपये की सैलरी मिलेगी। भत्ते अलग होंगे।
  • दूसरे वर्ष में 33,000 प्रति माह की सैलरी मिलेगी और भत्ते अलग से दिए जाएंगे।
  • तीसरे वर्ष अग्निवीरों की सैलरी बढ़कर 36,500 रुपये हो जाएगी।
  • चौथे और आखिरी वर्ष में अग्निवीरों की सैलरी 40,000 रुपये प्रति माह होगी।

पहले फेज की परीक्षा 24 जुलाई को होगी। पहले बैच की भर्ती दिसंबर से पहले एयरफोर्स में हो जाएगी। 30 दिसंबर से अग्निवीरों की ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी।

इन संस्थानों में सेवानिवृत्त अग्नि वीरों को मिलेगी वरीयता

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल), गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) लिमिटेड, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल), हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल), मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (एमडीएल), मिश्रा धातु निगम (मिधानी) लिमिटेड, बख्तरबंद वाहन निगम लिमिटेड (एवीएनएल), एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यू एंड ईआईएल), मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एमआईएल), यंत्र इंडिया लिमिटेड (वाईआईएल), ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (जीआईएल), इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल) और ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल)। यह आरक्षण भूतपूर्व सैनिकों के लिए वर्तमान आरक्षण के अतिरिक्त उपलब्ध कराया जायेगा।

अग्निपथ भर्ती योजना की 10 प्रमुख बातें…

1. सेना में भर्ती मात्र चार साल के लिए होगी। इन चार साल के दौरान उन्हें अग्निवीर के नाम से जाना जाएगा।

2.  चार साल बाद सैनिकों की सेवाओं की समीक्षा की जाएगी। समीक्षा के बाद 25 प्रतिशत अग्नि वीरों की सेवाएं आगे बढ़ाई जाएंगी। बाकी 75 प्रतिशत को रिटायर कर दिया जाएगा।

3. चार साल की नौकरी में छह महीने की ट्रेनिंग भी शामिल होगी। साढ़े 17 साल से लेकर 21 साल तक की उम्र वाले अग्निवीर के लिए योग्य होंगे।

4. थलसेना और नौसेना में महिलाओं को भी अग्निवीर बनने का मौका मिलेगा।

5. अग्निवीरों को 4.76 लाख का सालाना सैलेरी पैकेज मिलेगा यानी हर महीने करीब 30 हजार। चौथे वर्ष तक ये पैकेज 6.92 लाख हो जाएगा। इसके अलावा सियाचिन जैसे इलाकों के लिए रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस भी मिलेगा।

6. रिटायरमेंट के बाद पेंशन नहीं मिलेगी बल्कि एक मुश्त राशि दी जाएगी। इस राशि को सेवा निधि पैकेज नाम दिया गया है। इसके तहत रिटायरमेंट के बाद 11.7 लाख की राशि मिलेगी। ये सेवा निधि पैकेज अग्निवीर की सैलरी का 30 प्रतिशत और इतना ही सरकार का योगदान के साथ मिलकर बनाया गया है। ये सेवा निधि पैकेज पूरी तरह से आयकर मुक्त होगी।

7. सेवा के दौरान अगर कोई अग्निवीर वीरगति को प्राप्त हो जाता है तो उसके परिवार को एक करोड़ की सहायता राशि मिलेगी। साथ ही अग्निवीर की बची हुई सेवा की सैलरी भी परिवार को मिलेगी।

8. अगर कोई अग्निवीर सेवा के दौरान अपंग हो जाता है तो उसे 44 लाख की राशि दी जाएगी और बाकी बची सेवा की सैलरी भी मिलेगी।

9. खास बात ये होगी कि अब सेना की रेजिमेंट में जाति, धर्म और क्षेत्र के हिसाब से भर्ती नहीं होगी बल्कि देशवासी के तौर पर होगी। यानि कोई भी जाति, धर्म और क्षेत्र का युवा किसी भी रेजीमेंट के लिए आवेदन कर सकेगा। दरअसल, सेना में इन्फेंट्री रेजीमेंट अंग्रेजों के समय से बनी हुई हैं जैसे सिख, जाट, राजपूत, गोरखा, डोगरा, कुमाऊं, गढ़वाल, बिहार, नागा, राजपूताना-राईफल्स (राजरिफ), जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फेंट्री (जैकलाई), जम्मू-कश्मीर राइफल्स (जैकरिफ) इत्यादि। ये सभी रेजीमेंट जाति, वर्ग, धर्म और क्षेत्र के आधार पर तैयार की जाती हैं।

द गार्ड्स आजादी के बाद मात्र एक ऐसी रेजीमेंट है जो ऑल इंडिया ऑल क्लास के आधार पर खड़ी की गई थी, लेकिन अब अग्निवीर योजना में माना जा रहा है कि सेना की सभी रेजीमेंट ऑल इंडिया ऑल क्लास पर आधारित होंगी। यानि देश का कोई भी नौजवान किसी भी रेजीमेंट के लिए आवेदन कर सकेगा। आजादी के बाद से रक्षा क्षेत्र में ये एक बड़ा डिफेंस रिफॉर्म माना जा रहा है।

10. अग्निपथ योजना के तहत अगले 90 दिनों के भीतर थल सेना की पहली रिक्रूटमेंट रैली आयोजित कर ली जाएगी। इस योजना के तहत पहले साल में थल सेना के लिए 40 हजार अग्नि वीरों की भर्ती की जाएगी। वायुसेना के लिए 3500 अग्निवीर और नौसेना के लिए 3000 अग्नि वीरों की भर्ती होगी।

मंगलवार को हुई प्रेस कांफ्रेंस में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी ने साफ कर दिया कि इंडियन एयर फोर्स के पिछले दो साल में जितने भी एग्जाम हुए हैं या होने थे वे अब रद्द हो जाएंगे। वायुसेना में भर्तियां अब अग्निपथ योजना के तहत ही की जाएगी। नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार के मुताबिक, अग्नि वीरों की ट्रेनिंग इस तरह की होगी कि वे युद्धपोत से लेकर पनडुब्बी पर तैनात किए जा सकेंगे।

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